राजस्थान में बेरोजगारी 2025 27.4% तक पहुंची दर, जानिए मुख्य कारण

अपडेटेड: 31 जुलाई 2025

राजस्थान में बेरोजगारी 2025 में इन दिनों एक अजीब स्थिति बन गई है — पढ़े-लिखे युवाओं की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन नौकरी के अवसर घटते जा रहे हैं। सरकारी आँकड़ों के मुताबिक जुलाई 2025 में राज्य की बेरोजगारी दर 27.4% तक पहुंच गई है, जो कि पूरे देश में सबसे ज़्यादा मानी जा रही है। यह आंकड़ा न सिर्फ चिंता का विषय है, बल्कि युवाओं के भविष्य पर भी सवाल खड़ा करता है।

बेरोजगारी के 4 मुख्य कारण क्या हैं?के मुख्य कारण

इसे सुनेंबेरोज़गारी के कई कारण हैं। इनमें मंदी, अवसाद, तकनीकी सुधार, नौकरियों का आउटसोर्सिंग और स्वेच्छा से एक नौकरी छोड़कर दूसरी नौकरी ढूँढ़ना शामिल हैं।

  1. शिक्षा में व्यावसायिक स्किल की कमी:
    युवाओं के पास डिग्रियां तो हैं, लेकिन कंपनियों को जिन स्किल्स की ज़रूरत है, वो नहीं हैं। राजस्थान में बेरोजगारी 2025
  2. सरकारी नौकरियों पर निर्भरता:
    ज्यादातर युवा सिर्फ सरकारी नौकरी के पीछे भाग रहे हैं, लेकिन सीटें सीमित हैं।
  3. निजी क्षेत्र में अवसरों की कमी:
    राजस्थान में अब तक बड़ी इंडस्ट्रीज़ और कॉर्पोरेट कंपनियों का विस्तार कम हुआ है।
  4. खेती पर निर्भरता और जल संकट:
    ग्रामीण क्षेत्रों में खेती ही एकमात्र रोजगार है, लेकिन पानी की कमी और मौसम की मार ने इसे भी अनिश्चित बना दिया है।

2025 में सरकार की नई पहलें राजस्थान में बेरोजगारी 2025

सरकार ने जुलाई 2025 में कई नए अभियान शुरू किए हैं ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके:

  • राज कौशल अभियान:
    युवाओं को ट्रेनिंग देकर स्वरोजगार और निजी क्षेत्र की नौकरियों के लिए तैयार किया जा रहा है।
  • मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना:
    इसके तहत युवाओं को ₹50,000 तक की आर्थिक सहायता मिल रही है जिससे वे खुद का कारोबार शुरू कर सकें।
  • आईटी और पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा:
    जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे शहरों में स्टार्टअप और डिजिटल इंडिया से जुड़ी कंपनियां खोलने की दिशा में काम हो रहा है। राजस्थान में बेरोजगारी 2025
युवाओं की ज़ुबानी

“मैंने ग्रेजुएशन के बाद तीन साल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन अब समझ आ गया कि प्राइवेट सेक्टर में भी अच्छे मौके हैं। मैंने अब डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स शुरू किया है। राजस्थान में बेरोजगारी 2025
रोहित, अजमेर

“अगर सरकार हमें सही ट्रेनिंग और लोन सुविधा दे, तो हम गांव में ही खुद का काम शुरू कर सकते हैं।”
पूनम, सीकर

समाधान की दिशा में जरूरी कदम
  • स्थानीय स्तर पर स्किल सेंटर शुरू किए जाएं
  • MSME (छोटे उद्योग) को प्रोत्साहन मिले
  • डिजिटल रोजगार प्लेटफॉर्म को बढ़ावा मिले
  • कृषि के साथ-साथ कृषि-आधारित स्टार्टअप की सुविधाएं दी जाएं
  • 2025 में राजस्थान में बेरोजगारी क्यों है सबसे ज़्यादा? पूरी रिपोर्ट पढ़ें
  • राजस्थान में युवाओं को क्यों नहीं मिल रही नौकरी? जानिए असली कारण
  • सरकारी योजनाएं भी नहीं रोक पा रहीं बेरोजगारी! राजस्थान की सच्चाई
  • 27.4% बेरोजगारी दर: क्या वाकई युवा सिर्फ सरकारी नौकरी के पीछे हैं?
  • राजस्थान के युवाओं के लिए कौन-सी स्किल ट्रेनिंग ज़रूरी है?
  • राजस्थान में बेरोजगारी बनाम स्वरोजगार: कौन है बेहतर विकल्प?
  • क्या प्रतियोगी परीक्षाएं अब फेल हो चुकी हैं? युवाओं की नई राहें 
निष्कर्ष

राजस्थान की बेरोजगारी सिर्फ एक आर्थिक चुनौती नहीं है, बल्कि ये सामाजिक संतुलन के लिए भी खतरा बन रही है। अगर सरकार, समाज और निजी क्षेत्र मिलकर काम करें तो आने वाले वर्षों में राजस्थान रोजगार के क्षेत्र में मिसाल बन सकता है राजस्थान में बेरोजगारी 2025

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भारत में कौन सा राज्य बेरोजगार नंबर 1 है?

हरियाणा में भारत में सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी दर है, जो चिंताजनक 37.4% है।


राजस्थान में बेरोजगारी योजना क्या है?

बेरोजगारी भत्ता योजना । इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के शिक्षित युवाओं को जो रोजगार की तलाश कर रहे हैं, बेरोजगारी भत्ते के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

बेरोजगारी का डाटा कौन देता है?

भारत में बेरोजगारी के आंकड़े मुख्य रूप से राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी किए जाते हैं, जो सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अधीन है. NSO, आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) आयोजित करता है, जो बेरोजगारी की स्थिति पर डेटा एकत्र करने का प्राथमिक स्रोत है. 

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